दोस्ती हो तो ऐसी, दोस्त की मृत्यु के बाद बचपन के दोस्तों ने संभाला पूरा परिवार

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खबर पुरानी है लेकिन समाज को आइना दिखाने बाली है। वास्तव में मित्रता क्या है। ये रांची के इन दोस्तों ने दुनियां को दिखा दिया। 29 साल के वीरेंद्र की मृत्यु डेढ़ साल पहले एक सड़क हादसे में हो गई थी। वीरेंद्र के परिवार में उनकी माँ, पत्नी और दो बच्चे हैं। वीरेंद्र की मृत्यु के बाद उनके परिवार का ख्याल रखने बाला कोई नहीं था।  


ऐसे में वीरेंद्र की मृत्यु की खबर बचपन के दोस्तों को मिली तो   एक-एक करके 40 दोस्त जमा हुए। सभी दोस्तों ने मिलकर वीरेंद्र के परिवार की जो सहायता की उसे पड़कर आप भी कहेंगे दोस्ती हो तो ऐसी हो।  


वीरेंद्र पेशे से फोटो-वीडियो ग्राफर था। उसके जाने के बाद परिवार का ख्याल रखने बाला कोई नही था। ऐसे में दोस्त के परिवार को कोई परेशानी न हो इसलिये आपस मे पैसे जमा किये। 7 लाख रुपये खर्च करके घर बनवाया।  दोस्तों ने खुद सीमेंट, ईंट, बालू ढोकर मजदूरी भी की ताकि घर बनाने में कोई दिक्कत न हो।  
Friendship




अब गुजर बसर करने के लिए हर महीने 15 हजार रुपये देते हैं। आज के समय मे जहाँ लोग एक रुपया देने में मुँह मोड़ लेते हैं। वहीं वीरेंद्र के इन दोस्तों ने अपने दोस्त के परिवार को संभाल लिया।  


दोस्तों ने बताया कि उनका दोस्त वीरेंद्र किसी दोस्त के परिवार में शादी या अन्य कार्यक्रमों में पैसों की कमी होने पर वह हमेशा उनके साथ खड़ा रहता था। वीरेंद्र अपने दोस्तों की हर सम्भव मदत किया करते थे।  


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