खसखस के फायदे जानकर आज से ही खाना शुरू कर दोगे।

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आयुर्वेद में खसखस का उपयोग पिछले 3,000 सालों से हो रहा है।  खसखस का वैज्ञानिक नाम पैपर सोम्नीफेरम है। वर्तमान में खसखस को भारत के साथ कई यूरोपीय देशों ऑस्ट्रेलिया, और तुर्की जैसे देशों में भी उगाया जा रहा है।  भारत में खसखस की पैदावार मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब के होशियारपुर, राजस्थान और मध्य प्रदेश में की जाती है।  यद्यपि लोगों को खसखस के नशीले गुणों को लेकर इसके इस्तेमाल की चिंता होती है। खसखस के कच्चे बीज नशीले हो सकते हैं।  जिससे नशे की आदत भी लग सकती है लेकिन खसखस  के पके बीजों में मादक गुण न के बराबर होता है। खसखस कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे खनिजों के अलावा फाइबर और आवश्यक फैटी एसिड का अच्छा स्रोत होता है। खसखस में इन सभी की मात्रा प्रचुर मात्रा में पायी जाती है। तो आइए जानते हैं खसखस के फायदे और नुकसान  

खसखस के फायदे-खसखस के नुकसान-newshank.com


खसखस के फायदे


1. ब्रेन के लिए फायदेमंद

खसखस का नियमित सेवन मस्तिष्क के विकास में भी सहायक होता है।  खसखस में मौजूद आयरन, कैल्शियम और ताम्बा जैसे खनिज न्यूरोट्रांसमीटर को नियमित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा खसखस  मस्तिष्क के कार्यों में सुधार करती है।  


2. हृदय के लिए

ह्रदय से संबंधित समस्याओं में खसखस का उपयोग महत्वपूर्ण है। खसखस में दिल को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। खसखस में मौजूद लिनोलिक एसिड शरीर में रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने में मदद करता है।  खसखस का नियमित सेवन हृदय की बीमारियों और हार्ड अटैक को रोककर दिल के स्वास्थ्य को सुधारने का काम करता है।  

3. गुर्दे में पथरी होने पर

खसखस में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर मिकालने में मदद करता है।खसखस का इस्तेमाल शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल देता है। नियमित रूप से खसखस का सेवन करने से आप गुर्दे की पथरी की समस्या से बच सकते हैं।  


4. मुख के लिके फायदेमंद

मुख में छाले या अल्सर हो जाने पर खसखस का उपयोग किया जाता है जो कि काफी लाभकारी है। दरअसल मुख के छाले पेट की गर्मी के कारण होते हैं। खसखस की तासीर ठंडी होने के कारण अल्सर की समस्या को दूर करने में ये सक्षम है।  

5. त्वचा का संक्रमण

त्वचा संक्रमण जैसे - खुजली और शरीर पर चकत्ते जैसी समस्याओं में खसखस का उपयोग लाभदायक होता है। इसके अलावा खसखस का उपयोग सूजन होने पर भी किया जाता है। खसखस में निम्बू की कुछ बूंदों को मिलाकर उस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्रों में लागएं।  


6. कब्ज से राहत

खसखस में पाया जाने बाला फाइबर कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। इसके साथ-साथ खसखस का सेवन बहुत लम्बे समय तक भूख की तलब नहीं लगने देता ।  खसखस का उपयोग पीसकर भोजन से पहले या इसे भोजन में मिलाकर भी कर सकते हैं।  

7. अस्थमा के लिए

अस्थमा के मरीजों के लिये भी खसखस काफी फायदेमंद है।  इसके अलावा खसखस श्वसन संबंधी समस्याओं में भी लाभदायक होता है। खसखस के इस्तेमाल से खांसी की समस्या भी ख़त्म हो जाती है।  


8. नींद न आने की समस्या

खसखस को पीस-कर गर्म-दूध और चीनी के साथ मिला कर सोने से एक घंटे पीने से अनिद्रा की समस्या से छुटकारा मिलता है। खसखस के बीज में पाया जाने बाला यौगिक न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में मदद करता है। जिससे नींद न आने की समस्या दूर होती है।  

9. हड्डियों में लाभकारी

खसखस के बीज में मौजूद फॉस्फोरस, कैल्शियम जैसे खनिज हड्डियों के लिए लाभदायक होते हैं। खसखस के बीज में मैंगनीज भी पाया जाता है जो कि कोलेजन का उत्पादन करके जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत पहुंचाता है।  

10. प्रतिरक्षा प्रणाली

खसखस में जिंक भरपूर मात्रा में होने के कारण यह प्रतिरक्षा तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। खसखस प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाओं के निर्माण करने के साथ ही काफी बीमारियों से बचाने का भी काम करता है।  


खसखस के नुकसान -

खसखस का अधिक और अनुचित मात्रा में सेवन करने पर श्वसन और कार्डियोवास्कुलर सिस्टम में परेशानी हो सकती है। साथ ही चेतना बिगड़ सकती है। खसखस के अनुचित उपयोग से चक्कर भी आ सकता हैं।  

खसखस की चाय में हल्के तथा घातक दोनों ही प्रकार के साइड-इफेक्ट होते हैं। खसखस की चाय की थोड़ी सी मात्रा से चक्कर, बेहोशी, त्वचा की खुजली, मतली, कब्ज तथा मूत्र प्रतिधारण जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती है।  

खसखस का इस्तेमाल योग्य तथा अनुभवी बैध या चिकित्सक की देखरेख में करें।  


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