भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मान हमेशा से रहा है। यही हम पौराणिक कथाओं की भी माने तो भी सनातनी ग्रन्थों में स्त्रियों की रक्षा और स्वाभिमान में लिए महाभारत जैसे युद्ध भी हुए हैं।

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से उन स्त्री के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका सम्मान करना प्रत्येक पुरूष का कर्तव्य है।

1. माँ

इस प्रथ्वी की संम्पदा ही माँ के हाँथो में है। संसार मे माँ से बढ़ कर कोई नहीं है। इस लिए प्रत्येक पुरूष को माँ का सम्मान अवश्य करना चाहिए।

2. भाभी

भाई की पत्नी को माँ का दर्जा दिया गया है। इसलिए भाभी का सम्मान अवश्य करना चाहिए। माँ के न होने पर भाभी अपने देवरों की देखभाल माँ के समान करती है। इसलिए भाभी का सम्मान करना चाहिए। किसी भी हालत में उन्हें तकलीफ नहीं देनी चाहिए।

3. बहन

बहन यदि बड़ी है तो माँ तुल्य होती है। और छोटी है तो बेटी की तरह। बचपन से ही बहन भाई का साथ पूरी जिम्मेदारी से देती है। भाई की प्रत्येक परेशानी में हमेशा ढाल बन कर खड़ी रहती है। इसलिए बहन का सम्मान करना चाहिए।

4. पत्नी

पत्नी को अर्धांगनी कहा जाता है - यानी कि पुरूष का आधा अंग। एक लड़की एक छड़ में सबकुछ छोड़ कर पत्नी के रूप में आ जाती है। पति के प्रत्येक सु:ख दुःख में साथ होती है। अपने दर्द को भुलाकर अपने पति के कष्ट को हरने को तत्पर रहती है। इसलिए प्रत्येक पुरुष को अपनी पत्नी का सम्मान करना चाहिए।