21 जून को सूर्य ग्रहण 2020 में 500 सालों में ऐसा संयोग बनने जा रहा है।

2020 में 500 सालों में ऐसा संयोग बनने जा रहा है। 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक तथा आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण में नक्षत्रों का ऐसा संयोग बन रहा है जो कि 500 सालों में अब तक नहीं बना है।



भारत मे यह सूर्यग्रहण प्रातः 9:15 से प्रारंभ होकर दोपहर 1:49 तक रहेगा। सूतक काल 20 जून को रात्रि 9:52 से शुरू होकर ग्रहण समाप्ति तक रहेगा। इस सूर्य ग्रहण में सूर्य वलयाकार होगा जिससे यह ग्रहण धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। 

वलयाकार सूर्यग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं पता है। जिससे सूर्य कंगन या वलय आकार में दिखाई देता है। इस सूर्य ग्रहण को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं। 



वलयाकार सूर्य ग्रहण का समय 

सूर्यग्रहण लगेगा - 9:15 am

परमग्रास - 12:10

ग्रहण समाप्त - 15:05 (3:05 pm)

खंडग्रास का समय - 
तीन घण्टे 28 मिनट 36 सेकेंड

सूर्यग्रहण का सूतक

प्रारंभ - 20 जून रात्रि 9:52 pm

समाप्त - 21 जून दोपहर 15:05 pm

In English


2020 is going to be such a coincidence in 500 years. Solar eclipse on 21 June is very important scientifically and spiritually. According to astrology, there is such a combination of constellations in this eclipse that has not been made in 500 years.

In India, this solar eclipse will start from 9:15 am to 1:49 pm. The Sutak period will begin from 9:52 pm on June 20 until the eclipse ends. In this solar eclipse, the sun will be annular, so this eclipse is very important religiously.

The annular solar eclipse occurs when the Moon does not know the Sun is completely covered. Which makes the sun appear in a bracelet or ring shape. This solar eclipse is called a circular eclipse.

Annular eclipse time

Solar eclipse will take place - 9:15 am

Permagrass - 12:10

Eclipse ends - 15:05 (3:05 pm)

Khandgrass Time
3 hours 28 minutes 36 seconds

Solar eclipse

Commencement - 20 June 9:52 pm

Ends - 21 June at 15:05 pm
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