कोरोना वायरस Corona virus के चलते पूरी दुनियां में लगभग चार लाख से ज्यादा लोग मर चुके हैं। वहीं सत्तर लाख पचपन हजार से ज्यादा लोग इस कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में एक चौकाने बल खुलासा दुनियां की टॉप यूनिवर्सिटीज जिसमे भारत की भी एक यूनिवर्सिटी शामिल है ने खुलासा किया है कि कोरोना वायरस Corona virus के जीन्स गन्दे पानी के अंदर भी मौजूद रहते हैं। 




आईआईआईटी गांधीनगर ने के संयुक्त रिसर्च से ये साबित हो चुका है कि गंदे पानी मे इस वायरस के जीन्स है। अब तक फ्रांस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, में कोरोना वायरस की मौजूदगी वहां की नालियों के पानी में पाई गई है। 

आईआईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर मनीष कुमार के मुताबिक 8 से 27 मई तक गुजरात के पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड की मदत से कुछ सेम्पल इकट्ठा कराए गए उनमे से प्राप्त जेनेटिक मेटेरियल से कोरोना वायरस के जीन्स मिले हैं। हालाँकि वैज्ञानिकों का मानना है ये जीन्स कोरोना परिवार का है तो ये पानी से संक्रमण फैला सकता है। अभी भी इसकी जांच जारी है। 

In English -


Corona virus has killed more than four million people all over the world. At the same time, more than seventy five thousand fifty five thousand people have been infected with this corona virus. In such a shocking force, the top universities of the world, which also includes a university in India, have revealed that the genes of the corona virus are present even in dirty water.

Through joint research by IIT Gandhinagar, it has been proved that there are genes of this virus in dirty water. So far in France, America, Australia, Netherlands, the presence of corona virus has been found in the water of its drains.

According to IIT Gandhinagar Professor Manish Kumar, from May 8 to 27, some samples collected from Gujarat's Pollution Control Board were found to have corona virus genes from genetic material. Although scientists believe that these genes belong to the Corona family, it can spread the infection with water. It is still under investigation.